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गुरु की चांदी की सुई
About this book
प्राचीन राज्य सूत्रवती में कपड़े केवल शरीर नहीं ढकते, बल्कि समाज की यादें और नदियां भी बुनते हैं। अड़सठ वर्षीय आचार्य सुरेश्वर परंपरा के सख्त रक्षक हैं, जबकि दस वर्षीय मिथिल निचले धोबी वर्ग का एक उत्साही बालक है जिसके हाथ हमेशा रंगों से सने रहते हैं। जब राज्य की प्राचीन 'आद्य चादर' फटने लगती है, तो सूत्रवती का पूरा इतिहास और जीवन खतरे में पड़ जाता है। परंपरा कहती है कि केवल उच्च वर्ग ही इसे छू सकता है, लेकिन चादर को ठीक करने की जादुई कला मिथिल के हाथों में छिपी है। विनाश को रोकने के लिए, आचार्य सुरेश्वर और मिथिल को समाज के कठोर नियमों को तोड़कर एक साथ आना होगा। यह एक जादुई कहानी है जो दिखाती है कि सच्ची विरासत किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि सबकी होती है।
Book details
- Genres:
- Historical Fiction, Fantasy, Adventure
- Language:
- hi
- Published:
- 2026-05-14
- Content rating:
- PG