Original AI-generated book
सिमला का तीसरा दरवाज़ा
About this book
1893 के सिमला में वायसराय लॉज का बारह वर्षीय चाय-लड़का मोती हर भोर एक ऐसी दीवार तक पहुँचता है जिसमें बना तीसरा दरवाज़ा सरकारी नक्शे में नहीं है। दरवाज़े की ओट से वह हर्बर्ट साहब और एक पहाड़ी पुजारी को ऐसी बात करते सुनता है जो ज़मीन, एक पुरानी मौत और उसके अपने भूले हुए नाम को जोड़ती है। नौकरों की दुनिया, राजकीय गलियारों और पहाड़ी आस्थाओं के बीच मोती को तय करना है कि उसकी टूटी स्मृति सच को छिपा रही है या उसे बचा रही है।
Book details
- Genres:
- Mystery, ऐतिहासिक रहस्य, मनोवैज्ञानिक गॉथिक
- Language:
- hi
- Published:
- 2026-07-14
- Content rating:
- R