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बकुल वाली गली 17
About this book
वर्तमान पुणे की पुरानी चाळ बकुल वाली गली 17 में प्रवीणा कुलकर्णी पिछले अट्ठाईस वर्षों से अपनी छोटी-सी रसोई में पौष्टिक भोजन और जीवन की सलाह बाँटती आई हैं। इस घर का जादू बड़ा नहीं, मगर अडिग है: जो लोग सचमुच एक-दूसरे के लिए पकाते, सुनते और परवाह करते हैं, उनके लिए किराया कभी असहनीय नहीं होता। जब पुनर्विकास की नोटिस इस मौन व्यवस्था को तोड़ने लगती है, प्रवीणा और चाळ के निवासी जानेंगे कि किसी जगह को बचाना केवल उसकी दीवारें बचाना नहीं है। गर्म भाकरी, दबे हुए पारिवारिक सच, पीढ़ियों के बीच की दूरियाँ और एक लालची सौदे की चमक के बीच यह कहानी पूछती है कि घर किसे कहते हैं—और उसकी कीमत कौन तय करता है।
Book details
- Genres:
- Cozy Fantasy, समकालीन सामाजिक कथा, समुदाय-केंद्रित नाट्य
- Language:
- hi
- Published:
- 2026-07-13
- Content rating:
- PG-13