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नक्षत्रपथ की गूँज
About this book
ईसवी सन ६३५ के दक्षिण-अरब मरुस्थल की पृष्ठभूमि पर आधारित यह विज्ञान-कथा ज़ायद की कहानी है, जो एक एकांतप्रिय खगोल-यंत्र निर्माता और नक्शानवीस है। अपने गुरु की मृत्यु के बाद ज़ायद बाहरी दुनिया से कट चुका है और स्वयं को केवल एक साधारण मरम्मतकार मानता है। उसकी शांति तब भंग होती है जब उसे एक पुरानी व्यापारिक गुफा में एक रहस्यमयी धात्विक वलय मिलता है। यह उपकरण भविष्य की सहस्राब्दियों के पारिस्थितिक और खगोलीय त्रिविमीय प्रक्षेपण दिखाता है। जब क्षेत्रीय कबीले और सत्ताधारी इसे अपने राजनीतिक प्रभुत्व और भय उत्पन्न करने के साधन में बदलना चाहते हैं, तो ज़ायद को अपने अलगाव से बाहर आना पड़ता है। वह इस ब्रह्मांडीय ज्ञान को बचाने और मानवता के शांतिपूर्ण भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक यात्रा पर निकलता है। यह एक अनिच्छुक नायक के संरक्षण, तार्किक निर्णय और मानवीय दायित्व की प्रेरणादायक कहानी है जो पूर्णतः प्रथम-पुरुष दृष्टि में कही गई है।
Book details
- Genres:
- Classic Sci Fi, Historical Fiction
- Language:
- hi
- Published:
- 2026-04-18
- Content rating:
- G